उत्सवी माहौल में निकली भव्य कलश यात्रा, संत समाज ने दिया सनातन संस्कृति का संदेश
शिव महापुराण कथा का हुआ शुभारंभ, चार घोड़ों पर सवार कन्याएं बनीं आकर्षण का केंद्र
रतलाम, 13 अगस्त। धर्म और आस्था की नगरी रतलाम में गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य गो क्रान्तिकारी संत श्री गोशरणानंद सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा का शुभारंभ विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मातृशक्ति, युवा एवं धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए। पूरे मार्ग में भगवान शिव के जयघोष एवं भक्ति गीतों से वातावरण शिवमय हो गया।
भव्य कलश यात्रा गढ़ कैलाश महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई, जो रामगढ़, त्रिवेणी रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई मानस भवन, त्रिवेणी कथा स्थल पहुंची। यात्रा में संत समाज बग्गी में सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए चल रहा था। जिनमें प्रमुख रूप से योगी योगेश्वर नाथ जेठाना संत श्री सेवक दास कल्लालीय महंत श्री शिवानन्द सरस्वती सुजापुर महंत चेतन दास जी पाल्डुना महंत राजराजेश्वरी मुनि महंत देवेंद्र दास चौरासी बढ़ायला संत श्री स्वामि नीलभरती जी उज्जैन आदि संत उपस्थित थी । संतों के दर्शन एवं आशीर्वाद के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
*चार घोड़ों पर सवार कन्याएं बनीं विशेष आकर्षण*
कलश यात्रा का विशेष आकर्षण चार घोड़ों पर सवार चार कन्याएं रहीं, जो हाथों में धर्म ध्वजा लेकर चल रही थीं। जिनमें चेष्टा भभाना पटेल सोनाक्षी यादव सुहाना चंद्रावत चारुल पटेल शामिल थी इन कन्याओं को गौ माता के चार स्वरूपों नन्दा, सुनन्दा, सुरभि एवं सुशीला के प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी इन कन्याओं ने यात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए। श्रद्धालुओं ने इस अनूठी प्रस्तुति की सराहना की।
कलश यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर संत समाज एवं श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचने के पश्चात विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, सनातन धर्म के संस्कारों, धार्मिक जीवन के महत्व एवं सेवा भावना का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है। श्रद्धालु प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक शिव महापुराण कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे।
आयोजन के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं के लिए कलश यात्रा के समापन के पश्चात मयंक जाट के सौजन्य से भंडारा प्रसादी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया।
आयोजन समिति ने बताया कि शिव महापुराण कथा के माध्यम से समाज में धर्म, संस्कार, सेवा एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं श्रद्धालुओं से शिव महापुराण कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने एवं धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
